लिंग जांच करने वालों पर सख्ती बरती जाए : आभीर

कलम का तिलक,फतेहाबाद,मनोज कुमार-27 जून।उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने स्वास्थ्य, पुलिस और महिला

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बाल विकास विभाग को आपसी तालमेल बनाकर लिंग जांच करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए भ्रूण की जांच करने वालों पर कड़ा शिकंजा कसना होगा। इसके लिए सभी विभाग सूचनाओं का आदान प्रदान करें और उस पर त्वरित कार्रवाई हो। उपायुक्त डॉ. आभीर मंगलवार को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिला टास्क फोर्स की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
    उपायुक्त डॉ. आभीर ने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर और सीडीपीओ के पास अपने-अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण आंकड़ा होना चाहिए। इसके साथ-साथ गर्भवती महिला की मॉनिटरिंग भी हो। उन्होंने कहा कि प्राय: यह देखने में आया है कि भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए लोग पड़ोसी राज्यों या जिलों में संपर्क करते हैं, इसके लिए भी कड़ी कार्रवाई की जाए। एक टीम बनाकर पड़ोसी राज्यों और जिलों में भी दबिश देकर ऐसे भ्रूण लिंग जांच करने वालों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इसको जारी रखा जाए। सही सूचना मिलने पर अगर टीम काम करेगी तो परिणाम भी बेहतर आएगा। उन्होंने एनजीओ को भी इस कार्य में जोडऩे के निर्देश दिए और कहा कि सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए उनसे लगातार संपर्क किया जाए।
    डॉ. आभीर ने स्कूल छोडऩे वाले बच्चों का डाटाबेस तैयार करने के आदेश देते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की सूची तैयार की जाए, जो बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई छोडऩे के कारण भी जाने जाए ताकि बच्चों को वापिस स्कूल में दाखिल करवाया जा सके। इसके लिए शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग आपसी तालमेल रखे। उन्होंने जिला की सभी आंगनवाडिय़ों में शौचालयों की व्यवस्था करने के आदेश देते हुए कहा कि जिला में ऐसा कोई आंगनवाड़ी केंद्र नहीं होना चाहिए, जिसमें शौचालय न हो। उन्होंने कहा कि जहां शौचालय है, उसकी सुचारू व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने बिजली व जनस्वास्थ्य विभाग को ये निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति दें।
    उपायुक्त ने बाल विवाह को भी बच्चों के सर्वागीण विकास में बाधक बताते हुए कहा कि बाल विवाह बारे लोगों को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया। इसके लिए महिला एवं बाल विकास और बाल संरक्षण अधिकारी संयुक्त रूप से जागरूकता शिविरों का आयोजन करें। इस मौके पर सीएमओ डॉ. मुनीष बंसल, महिला बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी आशा सेतिया, जिला बाल कल्याण अधिकारी भगत सिंह, सीडीपीओ उषा मुआल, राजबाला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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